भारतीय आईटी सेवा प्रदाता विप्रो लिमिटेड ने ब्रिटेन की सबसे बड़ी लॉन्ग-टर्म सेविंग्स और रिटायरमेंट कंपनी, फीनिक्स ग्रुप, के साथ 10-वर्षीय रणनीतिक समझौता किया है, जिसकी कुल मूल्य 500 मिलियन पाउंड (लगभग 650 मिलियन डॉलर) है।
सौदे का उद्देश्य और महत्व
यह समझौता फीनिक्स ग्रुप के रीएश्योर व्यवसाय के लिए जीवन और पेंशन प्रशासन सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है, जिससे कंपनी के परिचालन परिवर्तन में तेजी आएगी। विप्रो की मौजूदा FCA-नियंत्रित इकाई, विप्रो फाइनेंशियल आउटसोर्सिंग सर्विसेज लिमिटेड (WFOSL), इस परियोजना के तहत पॉलिसी प्रशासन, क्लेम प्रोसेसिंग, ग्राहक सेवा समर्थन, डेटा प्रबंधन और रिपोर्टिंग, अनुपालन और नियामक समर्थन जैसी सेवाएं प्रदान करेगी।
फीनिक्स ग्रुप के सीईओ का बयान
फीनिक्स ग्रुप के सीईओ, एंडी ब्रिग्स, ने कहा, “विप्रो की तकनीकी और सेवा विशेषज्ञता उन्हें हमारे रीएश्योर ग्राहकों को उनकी सेवानिवृत्ति यात्रा में उत्कृष्ट सेवा और मूल्य प्रदान करने के लिए उपयुक्त बनाती है। हम उन्हें अपने परिवर्तन यात्रा के इस चरण के लिए अपने रणनीतिक भागीदारों के पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल करके प्रसन्न हैं।”
विप्रो की यूरोप में उपस्थिति का विस्तार
विप्रो के यूरोप के सीईओ और WFOSL के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष, ओंकार निसल, ने कहा, “यह समझौता यूके में वित्तीय संस्थानों के साथ हमारे कार्यों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हम फीनिक्स ग्रुप के रीएश्योर व्यवसाय के परिवर्तन में उनका समर्थन करने और उनके दीर्घकालिक उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करने पर गर्व महसूस करते हैं।”
तकनीकी उन्नयन और भविष्य की योजनाएं
इस समझौते के तहत, विप्रो रीएश्योर के कोर पॉलिसी प्रशासन प्लेटफॉर्म, ALPHA, का प्रबंधन करेगा और इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ऑटोमेशन, क्लाउड और डिजिटल परिवर्तन तकनीकों के साथ आधुनिक बनाएगा। इससे प्लेटफॉर्म भविष्य के लिए तैयार होगा, दक्षता में सुधार होगा, और फीनिक्स ग्रुप के पॉलिसीधारकों के लिए बेहतर ग्राहक अनुभव प्रदान करेगा।
विप्रो के शेयरों पर प्रभाव
इस प्रमुख सौदे की घोषणा के बावजूद, विप्रो के मुंबई-सूचीबद्ध शेयर बुधवार को 1.3% की गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता यूके के वित्तीय सेवा क्षेत्र में विप्रो की स्थिति को मजबूत करता है और दीर्घकालिक लाभ प्रदान कर सकता है।
यह रणनीतिक साझेदारी विप्रो की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करती है और वित्तीय सेवा क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने की इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।