समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तारिक खान को कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने फोन पर धमकी दी है। यह कॉल दो दिन पहले की गई थी, और इस संबंध में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। तारिक खान, जो टेलीविजन समाचार चैनलों पर अपनी मुखर बहसों के लिए जाने जाते हैं, ने बताया कि लगभग दो महीने से उन्हें फोन पर गाली-गलौज और धमकियों के कॉल आ रहे थे, जिन्हें वे नजरअंदाज कर रहे थे। हालांकि, शुक्रवार रात को आए एक कॉल में जब व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताते हुए धमकी दी, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और बहराइच के पुलिस अधीक्षक तथा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को इसकी सूचना दी।
शनिवार शाम से इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कॉल करने वाला व्यक्ति अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए तारिक खान को ‘सुधर के रहने’ और ‘भाषण सही से देने’ की चेतावनी देता है। वह खुद को लॉरेंस बिश्नोई की तरफ से बोलने का दावा करता है। तारिक खान ने बताया कि उन्होंने पुलिस को इस बातचीत की रिकॉर्डिंग और अन्य संबंधित जानकारी उपलब्ध करा दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कॉल करने वाले के नंबर को सर्विलांस पर लगाकर उसे ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) रामानंद प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि भले ही यह कॉल वास्तव में बिश्नोई गिरोह द्वारा किया गया हो या कोई फर्जी कॉलर हो, लेकिन इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
तारिक खान ने यह भी बताया कि उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है, जिन्होंने उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए लखनऊ बुलाया है। यदि आवश्यकता समझी गई, तो प्रदेश के डीजीपी से मिलकर घटना की जानकारी दी जाएगी।
यह पहली बार नहीं है जब किसी राजनीतिक नेता को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम पर धमकी मिली हो। पूर्व में बिहार के सांसद पप्पू यादव को भी यूएई के नंबर से धमकी भरे कॉल आए थे, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई का नाम लिया गया था। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भाजपा नेता और नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष से भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी, जिसके लिए डाक के माध्यम से चिट्ठी भेजी गई थी।
पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या ये धमकियां वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संबंधित हैं या फिर यह किसी अन्य उद्देश्य से की जा रही हैं।