भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अपना दूसरा डीप स्पेस नेटवर्क सेंटर स्थापित करने जा रहा है, जो देश के अंतरिक्ष अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह केंद्र कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाद देश का दूसरा डीप स्पेस नेटवर्क सेंटर होगा।
सेंटर की विशेषताएँ और निवेश
देवरिया के सोनूघाट तिराहे के पास 20 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस नेटवर्क सेंटर के निर्माण में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिसमें से 500 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर खर्च होंगे। इस केंद्र में देश का सबसे बड़ा 35 मीटर व्यास का एंटीना और रडार स्थापित किया जाएगा, जो वर्तमान में बेंगलुरु में मौजूद 32 मीटर के एंटीना से भी बड़ा होगा।
समयसीमा और उपयोगिता
उम्मीद है कि यह केंद्र अगले दो वर्षों में पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। यह डीप स्पेस नेटवर्क सेंटर चंद्रमा, मंगल और भविष्य में शुक्र ग्रह पर भेजे जाने वाले उपग्रहों से डेटा प्राप्त करने में सक्षम होगा, जिससे भारत के अंतरिक्ष अभियानों की संचार क्षमता में वृद्धि होगी।
पूर्व तैयारी और सर्वेक्षण
अगस्त 2024 में वैज्ञानिकों की एक टीम ने देवरिया का दौरा किया था और सोनूघाट क्षेत्र में भूमि का सर्वेक्षण किया था। सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप, इसरो ने यहां डीप स्पेस नेटवर्क सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया।
स्थानीय विकास और रोजगार पर प्रभाव
इस परियोजना से न केवल भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान क्षमताओं में वृद्धि होगी, बल्कि देवरिया और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। स्थानीय युवाओं को उच्च तकनीकी क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्र की समग्र प्रगति में योगदान होगा।
देवरिया में इसरो के डीप स्पेस नेटवर्क सेंटर की स्थापना भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों की सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश को अंतरिक्ष अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में और भी आगे ले जाएगा।